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Samastipur News:समस्तीपुर में भ्रामक खबरों पर प्रशासन सख्त, दो यूट्यूबर/पोर्टल संचालकों के खिलाफ जांच और कार्रवाई के निर्देश

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | समस्तीपुर में बिना सत्यापन भ्रामक समाचार प्रसारित करने के मामले में दो यूट्यूबर/पोर्टल संचालकों के खिलाफ जांच और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

11 सितंबर, Alam Ki Khabar। समस्तीपुर जिला प्रशासन ने बिना सत्यापन समाचार प्रसारित किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दो स्थानीय मीडिया संचालकों के संबंध में जांच और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश जिला जन-संपर्क कार्यालय से जारी पत्र के माध्यम से मीडिया मॉनिटरिंग-सह-मीडिया प्रबंधन कोषांग से जुड़े अधिकारियों को दिया गया है।

उप विकास आयुक्त सह मीडिया मॉनिटरिंग-सह-मीडिया प्रबंधन कोषांग के अध्यक्ष की ओर से जारी पत्र में बिथान के यूट्यूबर रजनीश कुमार यादव तथा स्ट्रीम बिहार से जुड़े सुदर्शन कुमार के संबंध में शिकायतों का उल्लेख किया गया है। पत्र में दोनों मामलों को लेकर जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने और इसकी जानकारी कोषांग को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

बिथान के मामले में बीडीओ के पत्र का हवाला

प्रशासनिक पत्र में बिथान के प्रखंड विकास पदाधिकारी के 27 अगस्त 2026 के पत्र का संदर्भ दिया गया है। पत्र के अनुसार बीडीओ ने रजनीश कुमार यादव के खिलाफ कथित भ्रामक एवं फर्जी खबर प्रसारित किए जाने के संबंध में कार्रवाई का अनुरोध किया था।

जिला जन-संपर्क कार्यालय की ओर से संबंधित पत्र की छायाप्रति संलग्न किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, प्रशासनिक पत्र में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

दूसरे मामले में संदेश को गलत ढंग से प्रचारित करने का आरोप

पत्र में स्ट्रीम बिहार से जुड़े सुदर्शन कुमार के मामले का भी उल्लेख है। प्रशासन के अनुसार, डीपीआरओ समस्तीपुर ग्रुप में प्रसारित एक संदेश को खबर की पुष्टि किए बिना फेसबुक, यूट्यूब और पोर्टल के माध्यम से कथित तौर पर गलत ढंग से प्रचारित किया गया।

प्रशासन ने इस प्रसारण को उचित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना है और संबंधित पोस्ट/समाचार की छायाप्रति को पत्र के साथ संलग्न किए जाने की बात कही है।

नियमित निगरानी के भी निर्देश

मीडिया मॉनिटरिंग-सह-मीडिया प्रबंधन कोषांग ने केवल संबंधित मामलों की जांच तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। पत्र में दोनों चैनलों और पोर्टल पर नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश भी दिया गया है।

संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि यदि भ्रामक या तथ्यहीन खबरें सामने आती हैं तो उनके संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके लिए पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय और पुलिस उपाधीक्षक साइबर को भी कोषांग में सदस्य के रूप में कार्रवाई से जोड़ा गया है।

मुख्य सचिव के पत्र का भी उल्लेख

जिला प्रशासन के पत्र में बिहार के मुख्य सचिव के 10 जुलाई 2026 के पत्र का संदर्भ देते हुए बताया गया है कि जिले में मीडिया मॉनिटरिंग-सह-मीडिया प्रबंधन कोषांग गठित है। इस व्यवस्था के तहत भ्रामक खबरों और समाचारों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।

अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों को भी सूचना

11 सितंबर 2026 को जारी पत्र की प्रतिलिपि जिले के सभी ब्यूरो प्रभारियों, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संवाददाताओं और छायाकारों को सूचनार्थ भेजी गई है। इसके अलावा सभी कार्यालय प्रधान, विशेष कार्य पदाधिकारी जिला गोपनीय प्रशाखा तथा पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है।

जिला पदाधिकारी समस्तीपुर को भी पत्र सादर सूचनार्थ समर्पित किया गया है। पुलिस अधीक्षक से अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

प्रशासनिक पत्र में दोनों मामलों में जांचोपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की बात कही गई है। ऐसे में फिलहाल पत्र में लगाए गए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। जांच की प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित प्राधिकारी के स्तर से निर्णय आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

मीडिया मॉनिटरिंग व्यवस्था के माध्यम से प्रशासन ने संकेत दिया है कि समाचारों के प्रसारण में तथ्य की पुष्टि और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। खासकर सोशल मीडिया, यूट्यूब और ऑनलाइन पोर्टल पर प्रकाशित होने वाली खबरों की निगरानी को लेकर जिला स्तर पर व्यवस्था सक्रिय की गई है।

संपादकीय

डिजिटल दौर में खबरों के तेजी से प्रसार के साथ तथ्य-जांच की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा भ्रामक या तथ्यहीन खबरों की शिकायतों पर जांच की व्यवस्था महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी भी मामले में कार्रवाई से पहले तथ्यों की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना जरूरी है। इससे एक ओर गलत सूचना पर रोक लगेगी, वहीं दूसरी ओर वास्तविक पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन भी बना रहेगा।

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समस्तीपुर जिला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए Alam Ki Khabar से जुड़े रहें।

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